“नाम के अक्षरों का जपना, उसके अर्थ का मनन करना, इस अर्थ-भाव को ध्यान में धारण करना, इसको जीवन में ढालना, तदनुरूप जीवन में कर्म करना और तदनुसार होने वाला जीवन अपना स्वाभाविक जीवन बनाना। इतना करने से ठीक जप हो सकता है और वह मनुष्य उन्नति कर सकता है।”
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श्रीपाद दामोदर सातवलेकर — सूक्ति व विचार
श्रीपाद दामोदर सातवलेकर के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। श्रीपाद दामोदर सातवलेकर के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।