“शक्ति तथा लोक, शास्त्र, काव्य आदि के पर्यालोचन से उत्पन्न निपुणता और काव्यज्ञ की शिक्षा के अनुसार अभ्यास, यह काव्य हेतु है।”
— मम्मट
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“शक्ति तथा लोक, शास्त्र, काव्य आदि के पर्यालोचन से उत्पन्न निपुणता और काव्यज्ञ की शिक्षा के अनुसार अभ्यास, यह काव्य हेतु है।”
— मम्मट
“दोषों से रहित, गुण-युक्त और कहीं-कहीं अलंकार-रहित शब्द और अर्थ काव्य है।”
— मम्मट