विचारघर

विचारघर › संस्कृत व प्राचीन साहित्य › महिमभट्ट

महिमभट्ट — सूक्ति व विचार

महिमभट्ट के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। महिमभट्ट के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“जब कवि का चित्त रसानुकूल शब्द-अर्थ के चिंतन में एकाग्र हो जाता है, उस समय क्षण भर के लिए पदार्थ के वास्तविक स्वरूप का स्पर्श करते हुए उसकी जो प्रज्ञा स्फुरित होती है, उसी का नाम प्रतिभा है।”

— महिमभट्ट

संस्कृत व प्राचीन साहित्य के अन्य रचनाकार