“हे प्रभु! आप चाहे संतुष्ट हों या रुष्ट, मेरे तो आश्रय आप ही हैं। हम दोनों को मारने या स्वीकार करने में आप ही हमारी गति हैं।”
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गोस्वामी विट्ठलनाथ — सूक्ति व विचार
गोस्वामी विट्ठलनाथ के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। गोस्वामी विट्ठलनाथ के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।