“मैं अब से पढ़ते हुए पुरुषों और बुनाई करती हुई स्त्रियों की तस्वीरें नहीं बनाऊँगा। मैं उन जीवित साथियों की तस्वीरें बनाऊँगा जो ज़िंदगी को जीना जानते हैं और उसे महसूस करते हैं, जो तकलीफ़ें सहते हैं और प्रेम करते हैं।”
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एडवर्ड मुंक — सूक्ति व विचार
एडवर्ड मुंक के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। एडवर्ड मुंक के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“वह एक युद्ध है जो स्त्री और पुरुष के बीच हमेशा चलता रहता है, जिसे बहुत लोग प्रेम कहकर पुकारते हैं।”
“मैंने दुखों, जीवन के ख़तरों और मृत्यु के बाद के जीवन के बारे में, सज़ा के बारे में… कम उम्र में ही जान लिया। इस सबकी उम्मीद गुनाहगार नर्क में करते हैं।”
“मैं जीवन के बाद के जीवन की कल्पना नहीं कर पाता : जैसे ईसाई या अन्य धर्मों के लोग विश्वास रखते हैं और मानते हैं जैसे कि सगे-संबंधियों और दोस्तों के साथ हुई बातचीत जिसे मौत आकर बाधित कर देती है, और जो आगे भी जारी रहती है।”
“प्रकृति सिर्फ़ वह नहीं जो आँखों को नज़र आती है… आत्मा की अंदरूनी तस्वीर में भी यह मौजूद होती है।”
“मौत तारकोल-सी स्याह है, पर रंग रोशनी से भरे होते हैं। एक चित्रकार होने के नाते हरेक को रोशनी की किरणों को साथ लेकर काम करना चाहिए।”
“मैंने तस्वीर में रंग भरे और रंगों में लय के साथ संगीत झंकृत होने लगा। हाँ, मैंने देखा था कि मैंने तस्वीर में रंग ही भरे थे।”
“जहाँ तक मुझे याद आता है कि मैं हमेशा गहरे अवसाद से पीड़ित रहा जो मेरी कलाकृतियों में भी झलकता है।”
“जिस तरह लियोनार्डो दा विंसी ने इंसानी शारीरिक रचना विज्ञान का अध्ययन किया और मुर्दा शरीरों को क़रीब से समझा, उसी तरह मैं आत्माओं के मनोभावों को पढ़ने की कोशिश करता हूँ।”
“वे कभी इस बात पर ग़ौर नहीं करेंगे कि ये कलाकृतियाँ मुश्किल घड़ियों और बहुत नाज़ुक पलों में बनाई गईं, कि ये कलाकृतियाँ कोरी आँखों से बिताई गईं रातों का नतीजा हैं, कि इन कलाकृतियों ने मुझसे मेरे ख़ून की क़ीमत वसूली है और मेरी शिराओं को कमज़ोर किया है… हाँ, वे कभी इस बात पर ग़ौर नहीं करेंगे।”
“मेरी क्षीण होती काया से फूल उगेंगे और मैं उनमें ही एक फूल होऊँगा और यह शाश्वत सत्य है।”
“वह सब कुछ जो आज मेरे पास है, डर और बीमारी के बग़ैर मैं उस सबमें निपुणता हासिल नहीं कर सकता था।”
“मैंने जिसमें नोट्स बनाए हैं, वह कोई आम डायरी नहीं, बल्कि इसमें मेरे आध्यात्मिक अनुभवों के लंबे रिकॉर्ड्स और गद्य के रूप में कुछ कविताएँ हैं।”
“बीमारी, दीवानगी और तबाही फ़रिश्तों की तरह मेरे पालने को घेरे रहते थे और जिन्होंने ज़िंदगी भर मेरा पीछा किया।”
“माइकल एंजेलो और रेम्ब्राँ की तरह आम तौर पर मैं रंगों के मुक़ाबले रेखाओं को उठाने और मोड़ने में अधिक दिलचस्पी रखता हूँ।”
“चिंता और बीमारी के बग़ैर मैं बिना पतवार वाली कश्ती की तरह होता।”
“मैं उसे चित्रित नहीं करता जिसे मैं देखता हूँ, मैं तो उसमें रंग भरता हूँ जिसे मैंने पहले कभी देखा था।”
“रंग, कैनवस पर उतरने के बाद एक विलक्षण जीवन जीते हैं।”
“कुछ रंग अपने अंक में एक दूसरे को समेट लेते हैं, वहीं कुछ सिर्फ़ एक दूसरे से हमेशा बैर-भाव रखते हैं।”
“मैं तस्वीर और अपने बीच एक तरह की दीवार बना लेता हूँ जिससे मैं उस दीवार के पीछे रहकर शांतचित्त होकर रंग भर सकूँ, नहीं तो वह तस्वीर कुछ भी बोलकर मुझे भ्रमित और विचलित कर देती है।”