“वृक्ष जब बढ़ रहा होता है, वह कोमल होता है; पर उसकी मृत्यु तभी हो जाती है, जब वह सूखकर कठोर हो जाता है।”
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आन्द्रेई तारकोवस्की — सूक्ति व विचार
आन्द्रेई तारकोवस्की के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। आन्द्रेई तारकोवस्की के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“जो कुछ भी नियोजित हुआ है, उसे होने दो।”
“कला ग़लत ढंग से बनाई गई दुनिया से ही जन्म लेती है।”
“कठोरता और बल मृत्यु के साथी हैं, कोमलता और लचीलापन अस्तित्व की ताजगी के प्रतीक हैं।”
“कला निरर्थक हो जाती, अगर संसार पूर्ण होता; क्योंकि तब मनुष्य संतुलन की तलाश न करता, बल्कि उसमें जीने लगता।”
“कलाकार इसलिए है, क्योंकि संसार अपूर्ण है।”
“जन्म के समय मनुष्य कोमल और लचीला होता है; लेकिन जब वह मरने को होता है, वह कठोर और असंवेदनशील हो जाता है।”
“मैं केवल एक ही बात जानता हूँ—जब मैं सोता हूँ, तो न भय जानता हूँ, न दुख, न आनंद।”
“गहरी नींद में केवल एक बुराई है—कहा जाता है कि यह मृत्यु से बहुत मिलती-जुलती है।”
“हज़ार लोगों द्वारा पढ़ी गई एक ही पुस्तक—हज़ार अलग-अलग पुस्तकों के समान हो जाती है।”
“अनंत दुनिया के बारे में निश्चित और सीमित औज़ारों से बात नहीं की जा सकती।”
“एक प्रतीक के भीतर एक निश्चित अर्थ और बौद्धिक सूत्र होता है, जबकि रूपक एक छवि है। वह छवि उसी विशेषता की होती है; जो उस दुनिया में है, जिसे वह दर्शाता है।”
“वह कभी विजयी नहीं हो सकता जो कठोर हो जाए ।”
“किसी न किसी प्रकार के दबाव का होना आवश्यक है।”
“प्रतीक के विपरीत, रूपक का अर्थ अनिश्चित होता है।”
“जिसने नींद का आविष्कार किया, उस पर आशीर्वाद हो। यह सबके लिए समान मुद्रा है—गड़रिया और राजा, मूर्ख और बुद्धिमान।”
“सबसे ज़रूरी है कि वे स्वयं पर विश्वास करें। बच्चों की तरह असहाय बने रहें, क्योंकि दुर्बलता महान् है और शक्ति कुछ भी नहीं।”
“हम अपने आस-पास की दुनिया के प्रति अपनी भावनाओं को या तो काव्यात्मक रूप से व्यक्त कर सकते हैं या वर्णनात्मक रूप से।”
“मैं स्वयं को रूपक के माध्यम से व्यक्त करना पसंद करता हूँ। ध्यान दीजिए : रूपक के माध्यम से, प्रतीक के माध्यम से नहीं।”
“उन्हें विश्वास करने दो और अपनी वासनाओं पर हँसने दो, क्योंकि जिसे वे ‘जुनून’ कहते हैं; वह कोई गहरी भावनात्मक ऊर्जा नहीं, बल्कि आत्मा और बाहरी दुनिया के बीच का घर्षण है।”
“हम प्रतीक के सूत्र का विश्लेषण कर सकते हैं; जबकि रूपक स्वयं में एक संपूर्ण इकाई है।”