“मैं खगोलीय पिंडों की गति की गणना तो कर सकता हूँ, लेकिन मनुष्यों के पागलपन की नहीं।”
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आइज़क न्यूटन — सूक्ति व विचार
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“समझदारी वह हुनर है, जिससे किसी को शत्रु बनाए बग़ैर अपनी बात रखी जा सकती है।”
“प्रकृति सादगी से प्रसन्न होती है, और प्रकृति कोई मूर्ख नहीं है।”
“अगर मैंने आगे कुछ देखा है, तो वह महान लोगों के कंधों पर बैठ कर देखा है।”
“मैं नहीं जानता कि संसार के समक्ष मैं क्या लग सकता हूँ किंतु स्वयं को मैं केवल एक ऐसा लड़का प्रतीत होता हूँ जो सागर तट पर खेल रहा है, और जो अधिक चिकनी गुटिका या अधिक सुन्दर सीपी को जब-तब पा लेने में स्वयं को लगा रहा है जबकि सत्य का विशालतर महासागर मेरे सम्मुख पूर्णतया अनदेखा पड़ा है।”
“सत्य हमेशा साधारणता में पाया जाता है—चीज़ों की बहुलता और उलझन में नहीं।”
“किसी भी साहसिक अनुमान के बग़ैर, कोई भी महान खोज संभव नहीं हुई है।”
“गुरुत्वाकर्षण ग्रहों की गति की व्याख्या तो करता है, लेकिन यह नहीं समझा सकता कि ग्रहों को गति देता कौन है।”
“जो हम जानते हैं; वह एक बूंद है, जो हम नहीं जानते—वह एक महासागर है।”