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आइज़क न्यूटन — सूक्ति व विचार

आइज़क न्यूटन के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। आइज़क न्यूटन के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मैं खगोलीय पिंडों की गति की गणना तो कर सकता हूँ, लेकिन मनुष्यों के पागलपन की नहीं।”

— आइज़क न्यूटन

“समझदारी वह हुनर है, जिससे किसी को शत्रु बनाए बग़ैर अपनी बात रखी जा सकती है।”

— आइज़क न्यूटन

“प्रकृति सादगी से प्रसन्न होती है, और प्रकृति कोई मूर्ख नहीं है।”

— आइज़क न्यूटन

“अगर मैंने आगे कुछ देखा है, तो वह महान लोगों के कंधों पर बैठ कर देखा है।”

— आइज़क न्यूटन

“मैं नहीं जानता कि संसार के समक्ष मैं क्या लग सकता हूँ किंतु स्वयं को मैं केवल एक ऐसा लड़का प्रतीत होता हूँ जो सागर तट पर खेल रहा है, और जो अधिक चिकनी गुटिका या अधिक सुन्दर सीपी को जब-तब पा लेने में स्वयं को लगा रहा है जबकि सत्य का विशालतर महासागर मेरे सम्मुख पूर्णतया अनदेखा पड़ा है।”

— आइज़क न्यूटन

“सत्य हमेशा साधारणता में पाया जाता है—चीज़ों की बहुलता और उलझन में नहीं।”

— आइज़क न्यूटन

“किसी भी साहसिक अनुमान के बग़ैर, कोई भी महान खोज संभव नहीं हुई है।”

— आइज़क न्यूटन

“गुरुत्वाकर्षण ग्रहों की गति की व्याख्या तो करता है, लेकिन यह नहीं समझा सकता कि ग्रहों को गति देता कौन है।”

— आइज़क न्यूटन

“जो हम जानते हैं; वह एक बूंद है, जो हम नहीं जानते—वह एक महासागर है।”

— आइज़क न्यूटन

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