विचारघर

विचारघर › विदेशी साहित्यकार › विलियम स्टैनले मर्विन

विलियम स्टैनले मर्विन — सूक्ति व विचार

विलियम स्टैनले मर्विन के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। विलियम स्टैनले मर्विन के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मुझे लगता है हमेशा दो पहलू होते है। और दो में से एक पहलू हमेशा कहे के परे चला जाता है। एक अकेला विलक्षण। जो आप हैं; जो आप किसी से कह नहीं सकते। और दूसरी तरफ़ वह जो आप कह सकते हैं। उन चीज़ों के बारे में हम कैसे जानते हैं जिनके बारे में हम बातें करते हैं। हम शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। शब्द कभी कुछ नहीं कहते, लेकिन हमारे पास कहने के लिए सिर्फ़ शब्द हैं।”

— विलियम स्टैनले मर्विन

“मेरे पास कोई तरीका नहीं है यह बताने का, कि मुझे किसकी कमी खलती है। मैं ही हूँ जो उस कमी को महसूस करता है।”

— विलियम स्टैनले मर्विन

“बयाँ उसका जो बयाँ के परे है, कविता सही मायनों में उसे कहना है जो कहा नहीं जा सकता। इसीलिए ऐसे क्षणों में लोग कविता की तरफ़ मुड़ते हैं। वे नहीं जानते वे इसे कैसे कहेंगे लेकिन उनकी आत्मा का एक हिस्सा महसूस करता है कि शायद कविता उसे कहना संभव कर सकेगी। शायद वह इसे कहेगी भी नहीं लेकिन वह उस कहे के बहुत नज़दीक आएगी जिसे और कुछ भी या कोई भी सम्भव नहीं कर सकता।”

— विलियम स्टैनले मर्विन

“जो कहा नहीं जा सकता हम उसे कहने की कोशिश शुरू करते हैं। जब अख़बार के पहले पन्ने पर आप इराक़ की उस औरत की तस्वीर देखते हैं जिसके शौहर की धज्जियाँ बम से उड़ चुकी हैं, आप उसे वहाँ देख रहे होते हैं, उसका बड़ा-सा खुला हुआ मुँह, शोक और दर्द का तूफ़ान-यहाँ से भाषा की शुरुआत होती है।”

— विलियम स्टैनले मर्विन

विदेशी साहित्यकार के अन्य रचनाकार