विचारघर

विचारघर › विदेशी साहित्यकार › विलियम शेक्सपियर

विलियम शेक्सपियर — सूक्ति व विचार

विलियम शेक्सपियर के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“अंतःकरण तो कायरों द्वारा प्रयुक्त शब्दमात्र है, सर्व-प्रथम इसकी रचना शक्तिशालियों को भयभीत रखने के लिए हुई थी।”

— विलियम शेक्सपियर

“संसार भर में कहाँ है नारी के नेत्र के समान सौंदर्य सिखाने वाला अन्य लेखक?”

— विलियम शेक्सपियर

“हमारा जीवन मनुष्यों के संपर्क से मुक्त होकर वृक्षों में वाणी, गतिशील सरिताओं में पुस्तकें, शिलाओं में सदुपदेश तथा प्रत्येक वस्तु में अच्छाई का दर्शन करने लगता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“स्त्रियों के लिए किसी मंत्रणा को छिपाकर रखना कितना दुष्कर है!”

— विलियम शेक्सपियर

“क्या तुम नहीं जानते कि मैं औरत हूँ? जब मैं सोचती हूँ तो बोलूँगी ही।”

— विलियम शेक्सपियर

“हम ऐसी सामग्री से बने हैं, जिसके स्वप्न बने होते हैं और हमारे लघु जीवन का अंत निद्रा से होता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“शोभा, शासन, व राज्य, मिट्टी और धूल के अतिरिक्त क्या हैं? और हम चाहे जैसे जीवित रहें, अंत में मरना तो पड़ेगा ही।”

— विलियम शेक्सपियर

“जितना दिखाते हो उससे अधिक तुम्हारे पास होना चाहिए; जितना जानते हो उससे कम तुम्हें बोलना चाहिए;”

— विलियम शेक्सपियर

“नाम में क्या रखा है? गुलाब के पुष्प को किसी और नाम से पुकारने पर भी उसकी गंध तो उतनी ही मधुर होगी।”

— विलियम शेक्सपियर

“कार्यालय एवं प्रेम के मामलों को छोड़कर अन्य सभी बातों में मित्रता स्थिर रहती है। अतः प्रेम में सभी हृदय अपनी भाषा को प्रयोग करते हैं। हर नेत्र स्वयं बात करे और किसी माध्यम पर विश्वास न करे।”

— विलियम शेक्सपियर

“बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने वर्तमान दुःखों के लिए रोया नहीं करते, अपितु वर्तमान में दुःख के कारणों को रोका करते हैं।”

— विलियम शेक्सपियर

“कवि लिखने के लिए तब तक लेखनी का प्रयोग नहीं करता जब तक उसकी स्याही प्रेम की आहों से कोमल न बना दी गई हो।”

— विलियम शेक्सपियर

“दुःखी व्यक्तियों के पास आशा ही एकमात्र औषधि होती है।”

— विलियम शेक्सपियर

“न तो ऋण माँगने वाले बनो, न देने वाले, क्योंकि प्रायः ऋण अपने को और मित्र दोनों को खो देता है और ऋण माँगना, मितव्ययिता के स्वभाव को शिथिल कर देता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“प्रत्येक व्यक्ति की बात सुनो परंतु किसी से भी कुछ मत कहो। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा निंदा सुन लो पर अपना निर्णय सुरक्षित रखो।”

— विलियम शेक्सपियर

“प्रत्येक वृद्ध व्यक्ति के नेत्र में चिंता जागती रहती है और जहाँ चिंता रहती है वहाँ निद्रा कभी नहीं आएगी।”

— विलियम शेक्सपियर

“वे (नारी-नेत्र) ही वे पुस्तकें, कलाएँ और शिक्षापीठ हैं जो समस्त संसार को प्रकट करते हैं, रखते और पोषित करते हैं।”

— विलियम शेक्सपियर

“मेरे स्वामी! पुरुष या स्त्री का यश ही उनकीआत्माओं की जीवनवाणी है। जो मेरा धन चुराता है, वह केवल कचरा चुराता है, धन तो कुछ नहीं है, वह मेरा था, अब उसका है और हज़ारों का दास रह चुका है। परंतु जो मुझसे मेरा यश छीनता है, वह मुझे ऐसी वस्तु से वंचित करता है जिससे वह स्वयं तो धनवान नहीं बनता परंतु मैं वास्तव में दरिद्र बन जाता हूँ।”

— विलियम शेक्सपियर

“कर्म को वचन के अनुरूप और वचन को कर्म के अनुरूप बनाओ।”

— विलियम शेक्सपियर

“सत्कार्य के लिए मरने वाला कीर्ति-काया में जीता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“मनुष्य की इच्छा उसके विवेक के द्वारा नियंत्रित होती है।”

— विलियम शेक्सपियर

“पशुओं को अपने मित्रों की पहचान करना प्रकृति सिखाती है।”

— विलियम शेक्सपियर

“महत्त्वाकांक्षी व्यक्ति का सारतत्त्व ही एक स्वप्न की छाया मात्र है।”

— विलियम शेक्सपियर

“कायर लोग अपनी मृत्यु से पूर्व बहुत बार मरते हैं किंतु वीर केवल एक बार ही मृत्यु का स्वाद लेते हैं।”

— विलियम शेक्सपियर

“देवियों, आहें मत भरो। पुरुष सदैव ही धोखेबाज़ रहे है। इनका एक पैर समुद्र में रहता है और एक तट पर। यह किसी एक वस्तु के प्रति निष्ठावान नहीं रहे।”

— विलियम शेक्सपियर

“अभी भी स्वर्ग सर्वोपरि है, वहाँ एक न्यायाधीश विराजमान है जिसे कोई भी राजा भ्रष्ट नहीं कर सकता।”

— विलियम शेक्सपियर

“क्रुद्ध मनुष्य उन्हें आघात पहुँचाते हैं जो उनके सर्वोत्तम हितैषी होते हैं।”

— विलियम शेक्सपियर

“बुद्धिमता के साथ और धीमे चलो। जो तेज़ भागते हैं, उन्हें ठोकर लगती है।”

— विलियम शेक्सपियर

“उसे डॉक्टर की अपेक्षा ईश्वरीय कृपा की अधिक आवश्यकता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“सभी मनुष्यों के चेहरे सत्य होते हैं— चाहे उनके हाथ कैसे भी हों।”

— विलियम शेक्सपियर

“जिससे हम प्रायः डरते हैं कालांतर में उसी से घृणा करते हैं।”

— विलियम शेक्सपियर

“मनुष्य की अपेक्षा फ़ैशन ही वस्त्रों को अधिक छिजा देता है।”

— विलियम शेक्सपियर

“मेरे पास नारी-तर्क के अतिरिक्त कोई अन्य तर्क नहीं है अर्थात् यह कि मैं उसे ऐसा मानती हूँ। क्योंकि मैं उसे ऐसा मानती हूँ।”

— विलियम शेक्सपियर

“मौन आनंद का पूर्ण अग्रदूत है। आनंदमय नहीं हूँ यदि मैं बता सकूँ कि कितना आनंदित हूँ।”

— विलियम शेक्सपियर

विदेशी साहित्यकार के अन्य रचनाकार