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विद्यापति — सूक्ति व विचार

विद्यापति के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। विद्यापति के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“विधाता के पास सौंदर्य का जितना कोष था, इसके अनुपम सौंदर्य की रचना करते हुए, वह सब सूना हो गया। यही जानकर विधाता ने शून्य को लाकर कामिनी की केश-राशि का निर्माण किया।”

— विद्यापति

“यौवन रूपी नगर में अपने रूप को बेचना। जितना उचित हो, उतना ही मोल भाव करना।”

— विद्यापति

“आज का समय कल नहीं पाओगी। यौवन रूपी बाँध से पानी छूट रहा है।”

— विद्यापति

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