“जिन्होंने प्रभु को आत्मनिवेदन कर दिया है, उन्हें कभी किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी चाहिए। पुष्टि (कृपा) करने वाले प्रभु अंगीकृत जीव की लौकिक गति नहीं करेंगे।”
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वल्लभाचार्य — सूक्ति व विचार
वल्लभाचार्य के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। वल्लभाचार्य के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“अहंता और ममता के नाश से सर्वथा अहम्-विहीन होने पर जब जीव स्वरूपस्थ हो जाता है तो उसे कृतार्थ कहा जाता है।”
“समस्त सिद्धियों की हेतु यमुना को मैं प्रणाम करता हूँ।”