विचारघर

विचारघर › विदेशी साहित्यकार › थॉमस फ़ुलर

थॉमस फ़ुलर — सूक्ति व विचार

थॉमस फ़ुलर के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। थॉमस फ़ुलर के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“अच्छा अंतःकरण सर्वोत्तम ईश्वर है।”

— थॉमस फ़ुलर

“कला प्रकृति की सहायता करती है और अनुभव कला की।”

— थॉमस फ़ुलर

“समय और शब्दों को वापस नहीं लाया जा सकता।”

— थॉमस फ़ुलर

“यदि तुम्हारी इच्छाएँ अनंत होंगी, तो तुम्हारी चिंताएँ व भय भी अनंत ही होंगे।”

— थॉमस फ़ुलर

“जो व्यक्ति उसी ठग से दुबारा ठगा जाए, वह भी ठग के साथ-साथ अपराधी है।”

— थॉमस फ़ुलर

“ख़तरा टलते ही ईश्वर का विस्मरण हो जाता है।”

— थॉमस फ़ुलर

“ज्ञान को अधिकतम लाभ उन्हीं पुस्तकों से हुआ है जिनसे प्रकाशकों को हानि हुई हैं।”

— थॉमस फ़ुलर

“मित्रों से मिलने-जुलने से मित्रता बढ़ती है, पर कभी- कभी मिलने-जुलने से।”

— थॉमस फ़ुलर

“जो कार्य किसी भी समय किए जाने की बात है, वह कभी भी नहीं किया जाएगा।”

— थॉमस फ़ुलर

“जो स्वयं को गधा बना ले, उसे बुरा नहीं मानना चाहिए यदि लोग उस पर सवारी गाँठें।”

— थॉमस फ़ुलर

“सामान्य व्यापार और वाणिज्य सहमति से पूर्णतया ठगी है।”

— थॉमस फ़ुलर

“यद्यपि दानशीलता और अभिमान के उद्देश्य भिन्न-भिन्न हैं, फिर भी दोनों ग़रीबों का पोषण करते हैं।”

— थॉमस फ़ुलर

विदेशी साहित्यकार के अन्य रचनाकार