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सरमद काशानी — सूक्ति व विचार

सरमद काशानी के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। सरमद काशानी के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“ऐ जाहिद! मैं शाहों का शाह हूँ-तेरी तरह नंगा कंजूस नहीं हूँ, मूर्तिपूजक और काफ़िर हूँ, ईमान वाले मुसलमानों से मैं अलग हूँ, यों मैं कभी-कभी मस्जिद की ओर भी जा निकलता हूँ, पर मुसलमान नहीं हूँ।”

— सरमद काशानी

“बहुत दिन हो जाने से मंसूर का क़िस्सा पुराना पड़ गया है, मैं सूली पर चढ़कर उसे फिर ताज़ा कर रहा हूँ, दार और रसन का जलवा फिर चमक कर दिखाता हूँ।”

— सरमद काशानी

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