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रसूल हमज़ातोव — सूक्ति व विचार

रसूल हमज़ातोव के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। रसूल हमज़ातोव के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“राई को पहाड़ नहीं बनाओ और पहाड़ को राई बनाने की तो और भी कम कोशिश करो।”

— रसूल हमज़ातोव

“स्पष्ट विचारों को स्पष्ट और समझ में आने वाली भाषा में व्यक्त करो। अस्पष्ट विचारों को व्यक्त ही न करो।”

— रसूल हमज़ातोव

“बुरे को हमेशा बुरा और अच्छे को अच्छा कहो।”

— रसूल हमज़ातोव

“अगर तुम बहुत अरसे से अपने गाँव नहीं गए और तुम्हें यह मालूम नहीं कि वहाँ क्या हाल-चाल है, तो यह दावा नहीं करो कि तुम अभी-अभी अपने गाँव से लौटे हो।”

— रसूल हमज़ातोव

“हवा के रुख़ के साथ बदलने वाले बादनुमा मत बनो।”

— रसूल हमज़ातोव

“जिस चीज़ की तारीफ़ करते हो, बाद में उसी को बुरा नहीं कहो। अगर बुरा कहते हो तो बाद में तारीफ़ न करो।”

— रसूल हमज़ातोव

“जो कुछ अभी ख़ुद नहीं समझते, उसके बारे में दूसरों को उपदेश देने की कोशिश मत करो।”

— रसूल हमज़ातोव

“किताब में जो कुछ है, उसकी चर्चा करो, न कि उसकी जो नहीं है।”

— रसूल हमज़ातोव

“अगर तुम्हारी जेब में सौ रूबल नहीं हैं, तो ऐसा ढोंग नहीं करो कि वे तुम्हारे पास हैं।”

— रसूल हमज़ातोव

“अपने विचारों की पुष्टि के लिए बेलींस्की से शुरू करके सभी विद्वानों को उद्धृत नहीं करो। अगर वे विचार वास्तव में तुम्हारे ही हैं, तो अपनी ही अक़्ल से उन्हें पुष्ट करने की कोशिश करो।”

— रसूल हमज़ातोव

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