“रात्रि के हज़ारों नेत्र हैं और दिन का केवल एक; किंतु अस्त होते हुए सूर्य के साथ दीप्तिमान संसार का प्रकाश समाप्त हो जाता है।”
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फ़्रांसिस विलियम बॉर्डिलन — सूक्ति व विचार
फ़्रांसिस विलियम बॉर्डिलन के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। फ़्रांसिस विलियम बॉर्डिलन के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“मस्तिष्क के हज़ारों नेत्र होते हैं, और हृदय का एक, परंतु प्रेम के समाप्त होते ही संपूर्ण जीवन का प्रकाश समाप्त हो जाता है।”