“अगर एक स्त्री अकेली सोती है तो यह सभी पुरुषों के लिए शर्मनाक है। ईश्वर के पास बड़ा दिल है, लेकिन एक ऐसा भी पाप है जिसे वह माफ़ नहीं करता : अगर एक स्त्री किसी पुरुष को बिस्तर पर बुलाती है और वह नहीं जाता।”
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निकोस कज़ानज़ाकिस — सूक्ति व विचार
निकोस कज़ानज़ाकिस के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। निकोस कज़ानज़ाकिस के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“तुम एक बहरे व्यक्ति का दरवाज़ा ताउम्र खटखटाते रह सकते हो।”
“कैसे मैं, जो जीवन को इतनी तीव्रता से चाहता है, स्वयं को लंबे समय तक किताबों की निरर्थक बातों और स्याही से काले पड़े पन्नों में उलझा हुआ छोड़ सकता था!”
“ख़ुशी का अनुभव करते हुए हमें उसके प्रति चेतन होने में कठिनाई होती है। जब ख़ुशी गुज़र जाती है और हम पीछे मुड़कर उसे देखते और अचानक से महसूस करते हैं—कभी-कभार आश्चर्य के साथ—कितने ख़ुश थे हम।”
“तुम्हारे पास सब कुछ है, परंतु एक चीज़ है : पागलपन। एक इंसान को थोड़े पागलपन की आवश्यकता होती है, अन्यथा—वह कभी हिम्मत नहीं कर पाएगा—रस्सी काटने और स्वतंत्र हो जाने की।”
“वे जो वाक़ई जीवन के रहस्यों को जीते हैं, उनके पास उन्हें लिखने का समय नहीं होता और वे जिनके पास समय होता है; वे उन्हें नहीं जीते।”
“तुम्हारे अंदर भी एक शैतान है, पर तुम उसका नाम अभी नहीं जानते; और चूँकि तुम यह नहीं जानते, तुम साँस नहीं ले सकते। उसका बपतिस्मा कर दो, मालिक, और तुम बेहतर महसूस करोगे।”
“जीवन आफ़त है। केवल मृत्यु नहीं है। जीना अपनी कमर की पेटी खोलना और आफ़त की तलाश करना है।”
“प्रत्येक व्यक्ति की अपनी मूर्खता है, लेकिन सबसे बड़ी मूर्खता है—मूर्खता का न होना।”
“मैं उसके साथ छह महीने रहा। उस दिन से—ईश्वर मेरा साक्षी है!—मुझे किसी चीज़ से डरने की ज़रूरत नहीं पड़ी। सिवाय एक चीज़ के कि शैतान या भगवान, उन छह महीनों की स्मृति मेरे मन से मिटा देगा।”
“ईश्वर अपना रूप पल-पल बदलता रहता है। ख़ुशक़िस्मत हैं वे जो उसे उसके तमाम रूपों में भी चीन्ह सकते हैं।”
“…मुझे एहसास हुआ है कि प्रकृति के महान नियमों का उल्लंघन प्राणनाशक पाप है। हमें ज़ल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, हमें अधीर नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें आत्मविश्वास के साथ शाश्वत लय की आज्ञा का पालन करना चाहिए।”