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मुक्तानंद — सूक्ति व विचार

मुक्तानंद के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। मुक्तानंद के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“प्रेम तो हृदय का अहैतुक स्नेह है। मानव का प्रेम किसी न किसी हेतु से होता है। वह प्रेम नहीं स्वार्थ है, गरज मात्र है। केवल भगवान का प्रेम शुद्ध प्रेम है। उसका स्वभाव भी प्रेम, उसकी कृपा भी प्रेम, उसका देना भी प्रेम, उसका लेना भी प्रेम है।”

— मुक्तानंद

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