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मिलान कुंदेरा — सूक्ति व विचार

मिलान कुंदेरा के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। मिलान कुंदेरा के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“जब कोई व्यक्ति कुछ भी या किसी को भी गंभीरता से नहीं लेता, वह उदास जीवन जीता है।”

— मिलान कुंदेरा

“जब दिल बोलता है, तब मन को उस पर आपत्ति करना अभद्र लगता है।”

— मिलान कुंदेरा

“ताक़त के विरुद्ध मनुष्य का संघर्ष भूलने के विरुद्ध स्मृति का संघर्ष है।”

— मिलान कुंदेरा

“प्रेम की भावना हम सभी को दूसरे व्यक्ति को जानने की भ्रामक मिथ्या धारणा देती है।”

— मिलान कुंदेरा

“जो व्यक्ति अपनी गोपनीयता खो देता है, वह सब कुछ खो देता है; और जो आदमी जो इसे अपनी मर्ज़ी से त्याग देता है, वह राक्षस है।”

— मिलान कुंदेरा

“जब ताक़तवर लोग इतने कमज़ोर थे कि वे कमज़ोर को नुक़सान नहीं पहुँचा सकते थे, तब कमज़ोर व्यक्तियों को इतना मज़बूत होना चाहिए था कि वे चले जाते।”

— मिलान कुंदेरा

“आदमी अपनी अज्ञानता के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार है।”

— मिलान कुंदेरा

“प्यार साम्राज्य की तरह होता है : जिस विचार पर वह आधारित होता है, जब वह चकनाचूर हो जाए, तब प्रेम भी फीका पड़ जाता है।”

— मिलान कुंदेरा

“हमें कभी भी भविष्य को स्मृति के बोझ के नीचे दब नहीं जाने देना चाहिए।”

— मिलान कुंदेरा

“सौभाग्यवश स्त्रियों में घटना घट जाने के बाद अपने कार्यों के अर्थ को बदलने की चमत्कारी क्षमता होती है।”

— मिलान कुंदेरा

“ऐसी दुनिया में रहना नर्क में रहने के समान है, जहाँ किसी को माफ़ नहीं किया जाता और जहाँ सभी कभी न सुधर सकने लायक़ हैं।”

— मिलान कुंदेरा

“क्या यह सच नहीं है कि लेखक केवल अपने बारे में लिख सकता है?”

— मिलान कुंदेरा

“प्यार उस आधे भाग के लिए चाह है जिसे हमने खो दिया है।”

— मिलान कुंदेरा

“जो आदमी उस जगह को छोड़ना चाहता है, जहाँ वह रहता है, वह दुखी आदमी है।”

— मिलान कुंदेरा

“इंसान का गुण स्वयं का विस्तार करने, स्वयं से बाहर निकलने और अन्य लोगों में और उनके लिए मौजूद रहने की क्षमता में निहित है।”

— मिलान कुंदेरा

“उसे औरत के रूप में पैदा होने के ख़िलाफ़ विद्रोह करना उतना ही मूर्खतापूर्ण लगा जितना कि उस पर गर्व करना।”

— मिलान कुंदेरा

“घृणा हमें हमारे विरोधी से बहुत मज़बूती से बाँधकर हमें अपने जाल में फँसा लेती है।”

— मिलान कुंदेरा

“स्वर्ग की तृष्णा मनुष्य के मनुष्य न होने की ललक है।”

— मिलान कुंदेरा

“जीवन का महत्त्व क्या हो सकता है, अगर जीवन के लिए पहला पूर्वाभ्यास जीवन ही हो?”

— मिलान कुंदेरा

“आप दो व्यक्तियों के आपसी प्रेम को उनके द्वारा परस्पर बोले गए शब्दों से नहीं माप सकते हैं।”

— मिलान कुंदेरा

“दो लोगों का प्यार में दुनिया से दूर, अकेले होना, यह सुंदर है।”

— मिलान कुंदेरा

“मैं चाहता हूँ कि तुम उतने कमज़ोर हो जाओ जितना कमज़ोर मैं हूँ।”

— मिलान कुंदेरा

“प्यार या तो पागल है या कुछ भी नहीं है।”

— मिलान कुंदेरा

“कोई परिपूर्णता नहीं है, केवल जीवन है।”

— मिलान कुंदेरा

“हम कभी नहीं जान सकते कि हम क्या चाहते हैं, क्योंकि एक ही जीवन जीने के चलते, हम न तो इसकी तुलना अपनी पिछली ज़िंदगियों से कर सकते हैं और न ही इसे अपनी आने वाली ज़िंदगियों में सुधार सकते हैं।”

— मिलान कुंदेरा

“…चूँकि प्यार निरंतर पूछताछ है। मैं प्यार की इससे बेहतर परिभाषा के बारे में नहीं जानता।”

— मिलान कुंदेरा

“अगर आप अनंत की तलाश कर रहे हैं, तब बस अपनी आँखें बंद कर लीजिए!”

— मिलान कुंदेरा

“जितनी अधिक अस्पष्टता होगी, आनंद उतना ही अधिक होगा।”

— मिलान कुंदेरा

“अगर एक बार उसके प्यार को प्रचारित कर दिया गया, तब उसका वज़न बढ़ जाएगा, वह बोझ बन जाएगा।”

— मिलान कुंदेरा

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