“वैचारिक उदारता और सहनशीलता; अगर प्राचीन भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, तो क्या हमें ख़ुद को इस महान विरासत का योग्य वारिस साबित करने की ज़रूरत नहीं है।”
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मौलाना अबुल कलाम आज़ाद — सूक्ति व विचार
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“आज़ाद भारत में आपको राष्ट्र की ज़रूरतों के लिहाज़ से, अपनी प्रतिभा के बेहतरीन उपयोग के लिए तत्पर रहने की ज़रूरत है।”
“भारतीय होने पर मुझे फ़ख़्र है। मैं उस अटूट एकता का हिस्सा हूँ, जिससे भारतीय राष्ट्रीयता कहते हैं।”
“एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश का मूल तत्व यही है कि जाति, धर्म या समुदाय के भेद के बिना, यहाँ सभी को तरक़्क़ी के बारबर मौक़े हासिल हों।”
“पराधीन देश का नागरिक होने की वजह से आपके सामने बहुतेरी दुश्वारियाँ थीं। एक स्वतंत्र देश के नागरिक के नाते आप पर नई ज़िम्मेदारियाँ हैं।”
“आज जब दुनिया के उन्नत राष्ट्र, सहनशीलता और उदारता के उस प्राचीन संदेश के लिए हमारी तरफ़ टकटकी लगाए हुए है, तो क्या यह सही होगा कि वर्गवाद-संप्रदायवाद में फँसकर हम ख़ुद को इस हद तक गिरा लें कि हमें यही सबक़ दूसरों से सीखने की नौबत आ जाए।”