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मारीना त्स्वेतायेवा — सूक्ति व विचार

मारीना त्स्वेतायेवा के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। मारीना त्स्वेतायेवा के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“पंख आज़ादी तभी देते हैं, जब वे उड़ान में खुले हुए होते हैं। किसी की पीठ पर लदे वे भारी वज़न ही हैं।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“जल्द ही हम सभी पृथ्वी के नीचे सोएँगे, हम जो औरों को कभी भी इसके ऊपर सोने नहीं देते हैं।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“अर्थ का अनुवाद किया जा सकता है। शब्द का अनुवाद नहीं किया जा सकता है… संक्षेप में—शब्द का अनुवाद कर सकते हैं, उसकी ध्वनि का नहीं।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“आपको केवल उन्हीं पुस्तकों को लिखना चाहिए जिनके न होने से आप दुखी हैं।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“आप भेड़िए को चाहे कितना भी खिला दें, लेकिन वह हमेशा जंगल पर निर्भर रहता है।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“किसी ने भी एक ही नदी में दो बार क़दम नहीं रखा है, लेकिन क्या कभी किसी ने एक ही किताब को दो बार पढ़ा है?”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“हर दिन जीवन छेद वाली बोरी की तरह होता है, और आपको इसे हर हालत में ढोना होता है।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

“जीवन एक रेलवे स्टेशन है, मैं जल्द ही घूमने निकल जाऊँगी—कहाँ के लिए? नहीं बता सकती हूँ।”

— मारीना त्स्वेतायेवा

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