“जब तक मेरे पास दो कोटों के होते हुए कोई व्यक्ति बिना कोट के रहेगा तब तक मैं भी इस संसार में निरंतर होते रहने वाले एक पाप का भागीदार बना रहूँगा।”
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लेव तोलस्तोय — सूक्ति व विचार
लेव तोलस्तोय के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। लेव तोलस्तोय के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“जितने भी अधिक से अधिक महत्त्वपूर्ण कार्य होते हैं वे सब अनायास ही नम्रतापूर्वक और बिना किसी आडंबर के हुआ करते हैं। न तो हल चलाने का कार्य और न इमारत बनाने या पशु चराने या सोचने के कार्य ही वर्दी पहनकर, दीपों की चमक-दमक में और तोपों की गर्जन के बीच किए जा सकते हैं। इसके विपरीत दीपों की जगमगाहट, तोपों की गड़गड़ाहट, संगीत, वर्दी, सफ़ाई और चमक-दमक यह प्रकट करते हैं कि उनके बीच जो कुछ भी हो रहा है वह सब महत्तवहीन है। महान और सच्चे कार्य सदा सरल और विनम्र होते हैं।”
“सभी सुखी परिवार एक जैसे होते हैं; हर दुखी परिवार अपने ही ढंग से दुखी होता है।”
“एक युवा पुरुष के लिए बुद्धिमान स्त्रियों की संगति से बढ़कर आवश्यक और कुछ भी नहीं।”
“यह हैरानी की बात है कि यह भ्रम कितना संपूर्ण है कि सुंदरता ही अच्छाई है।”
“नारियो और माताओ, इस संसार की मुक्ति सबसे अधिक तुम्हारे ही हाथों में है।”
“हम केवल इतना ही जान सकते हैं कि हम कुछ नहीं जानते। और यही मानवीय ज्ञान की सर्वोच्च अवस्था है।”
“वसंत योजनाओं और परियोजनाओं का समय होता है।”
“क्या यह वाक़ई संभव है कि कोई अपनी भावनाएँ किसी और को बता सके?”
“सम्मान का आविष्कार उस ख़ाली जगह को ढकने के लिए हुआ था, जहाँ प्रेम होना चाहिए था।”
“जीवन के सभी सच्चे काम क्षति और जोख़िम उठाकर किए जाते हैं। इसे छिपाना और न देखना असंभव है। इस स्थति से बाहर निकलने का एकमात्र मार्ग यही है कि दूसरों से केवल वही लिया जाए जो जीवन के लिए आवश्यक है। और वास्तविक कार्य स्वयं अपने जीवन की क्षति और जोख़िम उठा कर किए जाएँ।”
“अगर तुम पूर्णता की तलाश करोगे, तो तुम्हें कभी संतोष नहीं मिलेगा।”