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ज्याँ कोक्तो — सूक्ति व विचार

ज्याँ कोक्तो के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। ज्याँ कोक्तो के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“कवि कोई खोज नहीं करता। वह सुनता है।”

— ज्याँ कोक्तो

“आइनों को प्रतिबिंब होने के पहले बहुत सोचना चाहिए।”

— ज्याँ कोक्तो

“यदि कवि का कोई स्वप्न है, तो वह ख्याति नहीं, बल्कि विश्वसनीय होना है।”

— ज्याँ कोक्तो

“मैं वह झूठ हूँ, जो हमेशा सच बोलता है।”

— ज्याँ कोक्तो

“जिस चीज़ के लिए, भीड़ तुम्हारी निंदा करे, उसे पनपने दो। वही तुम्हारा अस्तित्व है।”

— ज्याँ कोक्तो

“प्रेम के प्रमाण के सिवाय, प्रेम जैसी कोई भी चीज़ मौजूद नहीं है।”

— ज्याँ कोक्तो

“जो तुम हो, वही रहो। इस संसार में मौलिकता ही पूजनीय है।”

— ज्याँ कोक्तो

“तुमने कभी मृत्यु देखी है? हर रोज़ आइना देखो, और तुम पाओगे कि मधुमक्खियाँ काँच के छत्ते में अपना काम कर रही हैं।”

— ज्याँ कोक्तो

“साहित्य में सबसे महान कृति वह शब्दकोष है, जो अब लुप्तप्राय है।”

— ज्याँ कोक्तो

“कला वह विज्ञान है, जिसे स्पष्ट कर दिया गया है।”

— ज्याँ कोक्तो

“जीवन के रहते मनुष्य को एक जिंदादिल आदमी होना चाहिए और मरने के बाद एक कलाकार।”

— ज्याँ कोक्तो

“सिवाय राख के, मैंने अपने लिए कुछ भी नहीं रखा है।”

— ज्याँ कोक्तो

“एक कवि का दुर्भाग्य है वह प्रशंसा, जो उसे मिलती है बिना उसके शिल्प को समझे।”

— ज्याँ कोक्तो

“एक फ़िल्म को कला तभी कह सकते हैं, जब उसके पुर्ज़े पेंसिल और पेपर जितने किफ़ायती हों।”

— ज्याँ कोक्तो

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