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जूली कागावा — सूक्ति व विचार

जूली कागावा के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। जूली कागावा के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मनुष्य की आत्मा ही राजनीति है, अर्थशास्त्र है, शिक्षा है और विज्ञान है, इसलिए अंतरात्मा को सुसंस्कृत बनाना ही सबसे अधिक आवश्यक है। यदि हम अंतरात्मा को सुशिक्षित बना लें तो राजनीति, अर्थशास्त्र, शिक्षा और विज्ञान के प्रश्न स्वयं ही हल हो जाएँगे।”

— जूली कागावा

“मेरे ग्रंथों में मेरी आत्मा रोती है और उसके रोने को जो कोई सुनता है, वही मेरा सच्चा मित्र है।”

— जूली कागावा

“छोटे-छोटे बालक नक्षत्रों से बातचीत करते हैं, पुष्पों से मित्रता करते हैं, सरोवरों की अंतरात्मा से संभाषण करते हैं, वृक्षों को अपना मित्र बनाते हैं क्या ही अच्छा हो यदि मैं एक बार फिर वैसा ही बालक बन जाऊँ!”

— जूली कागावा

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