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ज्ञानेश्वर — सूक्ति व विचार

ज्ञानेश्वर के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। ज्ञानेश्वर के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“नमक पानी की थाह लेने गया तो वह स्वयं ही नहीं रहा, फिर कितना गहरा पानी है, यह नाप कैसे लेगा?”

— ज्ञानेश्वर

“ज्ञानदेव कहते हैं- नामरूप रहित तेरा आत्मत्व सत्य है। इसी आत्मानंद-युक्त जीवन से सुखी हो जाओ।”

— ज्ञानेश्वर

“जो है नहीं, उस चित्र को दिखाती है, पर होती है केवल दीवार। उसी प्रकार संपूर्ण जगदाकार से जो प्रकाशित होती है, वह संवित्ति (संवित्, चेतना) है।”

— ज्ञानेश्वर

“जिसका किसी भी तरह वर्णन किया जाना संभव नहीं है, जो कैसा है, यह जाना नहीं जा सकता, जिसका अस्तित्व नित्य ही रहता है, ऐसे उस परमात्मा को देखो।”

— ज्ञानेश्वर

“वही भक्ति है, वही ज्ञान है। एक विट्ठल को ही जान।”

— ज्ञानेश्वर

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