“किसी भाषा विशेष को बिना बोले भाषा बोलने का प्रयास उतना ही निरर्थक है जितना कोई धर्म रखने का प्रयत्न करना जो कोई धर्म-संप्रदाय होगा।”
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जॉर्ज सांतायाना — सूक्ति व विचार
जॉर्ज सांतायाना के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। जॉर्ज सांतायाना के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“इंग्लैंड वैयक्तिकता, सनक, अनधिकृतमत असंगतियों, शौक़ों और मज़ाक़ों का स्वर्ग है।”
“अच्छी प्रकार कार्य करने की कला में सभ्य जाति अच्छी प्रकार खेलने की कला भी जोड़ देती है।”
“जो अतीत का स्मरण नहीं करते, उन्हें अतीत में ही रहने का दंड मिलता है।”