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अंतोनियो ग्राम्शी — सूक्ति व विचार

अंतोनियो ग्राम्शी के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। अंतोनियो ग्राम्शी के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“समग्रता में भाषा, रूपक की सतत प्रक्रिया है। अर्थ-मीमांसा का इतिहास, संस्कृति के इतिहास का एक पहलू है। भाषा एक ही समय में एक जीवित वस्तु, जीवन और सभ्यताओं के जीवाश्मों का संग्रहालय है।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“वास्तव में संकट इस तथ्य में है कि पुराना निष्प्राण हो रहा है और नया जन्म नहीं ले सकता।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“लोकप्रिय तत्त्व—महसूस करता है, लेकिन वह हमेशा जानता या समझता नहीं। बौद्धिक तत्त्व—जानता और समझता है, लेकिन वह हमेशा महसूस नहीं करता।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“संघर्ष में हार की कल्पना हमेशा होनी चाहिए। इसलिए अपने हार के उत्तराधिकार की तैयारी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है, जितनी अपनी विजय।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मैंने कितनी ही बार सोचा है कि क्या व्यक्तियों से संबंध बनाना संभव है, जब किसी के मन में किसी के लिए भी कोई भावना न रही हो; अपने माता पिता के लिए भी नहीं। अगर किसी को कभी भी गहराई से प्यार नहीं किया गया, तो क्या उसके लिए सामूहिकता में रहना संभव है? क्या इन सबका मेरे जैसे युद्धप्रिय के ऊपर कोई प्रभाव नहीं रहा? क्या इस सबसे मैं और बंध्य नहीं हुआ? क्या इन सबसे एक क्रांतिकारी के रूप में मेरी गुणवत्ता कम नहीं हुई? मैं जिसने हर चीज़ को बौद्धिकता और शुद्ध गणित के पैमाने पर रख दिया।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“संस्कृति एक विशेषाधिकार है। शिक्षा एक विशेषाधिकार है। पर हम नहीं चाहते कि ऐसा हो। संस्कृति के सामने सभी युवा एक समान होने चाहिए।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मेरी व्यावहारिकता इसमें निहित है—इस ज्ञान में—कि अगर आप दीवार पर अपना सिर पीटते हैं, तो वह आपका सिर है जो कि चोटिल होता है; दीवार नहीं। यही मेरी ताक़त है—मेरी एकमात्र ताक़त।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मैं अपने विवेक से निराशावादी हूँ, लेकिन अपनी इच्छाशक्ति से आशावादी हूँ।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“आधुनिकता का अर्थ है—मोहभंग न होते हुए बिना भ्रम का जीवन जीना।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“सभी मनुष्य बुद्धिजीवी हैं, लेकिन सभी मनुष्य समाज में बुद्धिजीवियों का कर्म नहीं करते।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मनुष्य हर विवेक से ऊपर है—एक चेतना, जो प्रकृति का नहीं बल्कि इतिहास का उत्पाद है।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मैं एक ज़िन्दा आदमी हूँ। मैं किसी एक पक्ष में रहता हूँ। इसलिए मुझे उनसे नफ़रत है जो किसी पक्ष में नहीं रहते ; मुझे उनसे नफ़रत है जिन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“स्वतंत्रता एक आदर्श स्थिति नहीं है, क्योंकि यह एक मूल आकांक्षा है; मानवता का सम्पूर्ण इतिहास संघर्षों और प्रयासों से मिलकर सामाजिक संस्थाओं को निर्धारित करने की कोशिश करने से मिलता है, जो कि अधिकतम स्वतंत्रता सुनिश्चित करने क्षमता रखती है।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“शिक्षा प्राकृतिक जीवित्व से जुड़े प्रवृत्तियों के खिलाफ एक संघर्ष है, प्रकृति के खिलाफ एक संघर्ष है, जिससे वह प्रकृति पर हावी हो सके और एक ऐसे मनुष्य का निर्माण कर सके जो अपने ही समय में व्याप्त हो।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“संस्कृति एक अलग चीज़ है। यह एक संगठन है, व्यक्ति के अंतस का अनुशासन, अपने व्यक्तित्व से सामन्जस्य की एक स्थिति; यह एक उच्चतर जागरूकता की स्थिति है, जिसकी सहायता से व्यक्ति”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“मेरी व्यवहारिकता इसमें निहित है–इस ज्ञान में कि यदि आप दीवार पर अपना सिर पीटते हैं तो वह आप का सिर है जो कि चोटिल होता है, दीवार नहीं। यही मेरी ताकत है। मेरी एक मात्र ताकत।”

— अंतोनियो ग्राम्शी

“‘‘लोकप्रिय तत्व महसूस करता है लेकिन वह हमेशा जानता या समझता नहीं। बौद्धिक तत्व, जानता और समझता है लेकिन वह हमेशा महसूस नहीं करता।’’”

— अंतोनियो ग्राम्शी

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