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जॉर्ज बर्नार्ड शॉ — सूक्ति व विचार

जॉर्ज बर्नार्ड शॉ के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। जॉर्ज बर्नार्ड शॉ के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“यदि पर्याप्त समय हो तो आगे-पीछे हर बात हर एक के साथ घटित होती है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“किसी भी राष्ट्र की बहुत थोड़ी पुस्तकें पठनीय होती हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“कुछ भी ऐसा बुरा या ऐसा अच्छा नहीं है कि अँग्रेज़ वैसा करता हुआ न मिले किंतु कभी भी तुम्हें अँग्रेज़ ग़लती पर नहीं मिलेगा। वह हर बात सिद्धांत पर करता है। वह तुमसे लड़ता है तो देशभक्ति के सिद्धांतों पर; वह तुम्हें लूटता है व्यापारिक सिद्धांतों पर; वह तुम्हें दास बनाता है साम्राज्यवादी सिद्धांतों पर; वह अपने राजा का समर्थन करता है राजकीय सिद्धांतों पर और अपने राजा का सिर काट देता है गंणतंत्रीय सिद्धांतों पर।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“यह जीवन में सच्चा आनंद है, एक महान उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाना जिसे आप स्वयं पहचानते हैं...”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“यही स्वर्णिम नियम है कि स्वर्णिम नियम होते ही नहीं हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“कतिपय भ्रष्ट व्यक्तियों के द्वारा नियुक्ति के स्थान पर जनतंत्र में अनेक अयोग्यों द्वारा चुनाव होता है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“जब दो लोग सबसे हिंसक, सबसे पागल, सबसे भ्रमपूर्ण और सबसे अस्थायी जुनून के प्रभाव में होते हैं, तो उनसे यह क़सम खाने को कहा जाता है कि वे इस उत्साहपूर्ण, असामान्य और थकाऊ स्थिति में मृत्यु तक रहेंगे।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“स्वतंत्रता का मतलब है ज़िम्मेदारी। यही कारण है कि अधिकांश लोग इससे डरते हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“लोग हमेशा अपनी परिस्थितियों को दोष देते हैं। मैं परिस्थितियों पर विश्वास नहीं करता। इस दुनिया में आगे बढ़ने वाले लोग वे हैं जो उठते हैं और अपनी इच्छित परिस्थितियों की तलाश करते हैं, और यदि वे उन्हें नहीं मिलतीं, तो वे उन्हें बना लेते हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“सटीक अवलोकन की शक्ति को आमतौर पर वे लोग कटुता कहते हैं, जिनके पास यह नहीं है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“एक नियम बना लें कि किसी बच्चे को वह किताब कभी न दें जिसे आप ख़ुद नहीं पढ़ेंगे।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“समझदार व्यक्ति ख़ुद को दुनिया के अनुसार ढ़ालता है, जबकी मूर्ख व्यक्ति दुनिया को अपने अनुसार ढ़ालने की कोशिश करता है। इसलिए, सारी प्रगति मूर्ख व्यक्ति पर निर्भर करती है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“देशभक्ति मूल रूप से यह विश्वास है कि एक विशेष देश, दुनिया का सबसे अच्छा है क्योंकि आप उसमें पैदा हुए हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“निराशावादी वह व्यक्ति है जो सोचता है कि हर कोई उतना ही निकृष्ट है जितना वह ख़ुद है, और इसके लिए वह उनसे नफ़रत करता है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“हम खेलना बंद नहीं करते क्योंकि हम बूढ़े हो जाते हैं; हम बूढ़े हो जाते हैं क्योंकि हम खेलना बंद कर देते हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“आप चीज़ों को देखते हैं और कहते हैं, 'क्यों?' लेकिन मैं ऐसी चीज़ों का सपना देखता हूँ जो कभी नहीं हुईं, और कहता हूँ 'क्यों नहीं?'”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“झूठे की सज़ा यह नहीं है कि उस पर विश्वास नहीं किया जाता, बल्कि यह है कि वह किसी और पर विश्वास नहीं कर सकता।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“अनुकरण केवल प्रशंसा की सबसे सच्ची अभिव्यक्ति नहीं है - यह सीखने की सबसे सच्ची अभिव्यक्ति भी है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“संवाद में सबसे बड़ी समस्या यह भ्रम है कि यह हो चुका है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“आप अपना चेहरा देखने के लिए काँच के दर्पण का इस्तेमाल करते हैं; अपनी आत्मा देखने के लिए कला का उपयोग करते हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“एक मूलतः अमेरिकी बुज़ुर्ग ने अपने भीतर के संघर्ष को इस प्रकार वर्णित किया: मेरे अंदर दो कुत्ते हैं। एक कुत्ता बुरा और शैतानी है। दूसरा कुत्ता अच्छा है। बुरा कुत्ता अच्छे कुत्ते से हमेशा लड़ता रहता है। जब उनसे पूछा गया कि कौन सा कुत्ता जीतता है, तो उन्होंने थोड़ी देर सोचा और उत्तर दिया, वह जिसे मैं सबसे ज़्यादा खिलाता हूँ।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“मनुष्य अपने अनुभव के अनुपात में बुद्धिमान नहीं होते हैं, अपितु अनुभव के लिए अपनी क्षमता के अनुपात में।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“कुछ भी ऐसा बुरा या ऐसा अच्छा नहीं है कि अँग्रेज़ वैसा करता हुआ न मिले किंतु कभी भी तुम्हें अँग्रेज़ ग़लती पर नहीं मिलेगा। वह हर बात सिद्धांत पर करता है। वह तुमसे लड़ता है तो देशभक्ति के सिद्धांतों पर; वह तुम्हें लूटता है व्यापारिक सिद्धांतों पर; वह तुम्हें दास बनाता है साम्राज्यवादी सिद्धांतों पर; वह अपने राजा का समर्थन करता है राजकीय सिद्धांतों पर और अपने राजा का सिर काट देता है गणतंत्रीय सिद्धांतों पर।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“मज़ाक करने का मेरा तरीक़ा सच बोलना है। यह दुनिया का सबसे मज़ेदार मज़ाक है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“जानवर मेरे दोस्त हैं और मैं अपने दोस्तों को नहीं खाता।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते, वे कुछ भी नहीं बदल सकते।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“सफलता का मतलब यह नहीं है कि आप कभी ग़लती न करें, बल्कि यह है कि आप वही ग़लती दूसरी बार न करें।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“कल्पना सृजन की शुरुआत है। आप उसकी कल्पना करते हैं जो आप चाहते हैं, आप वही चाहेंगे जिसकी आपने कल्पना की होगी। और अंत में, आप जो चाहते हैं उसे साकार करते हैं।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“मैं अपने नए नाटक के पहले मंचन के लिए दो टिकट भेज रहा हूँ; एक दोस्त को ले आइए। अगर आपके पास कोई हो।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“ग़लतियाँ करने में बिताया गया जीवन न केवल अधिक सम्मानजनक है, बल्कि कुछ न करने वाले जीवन से अधिक उपयोगी भी है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“दूसरों के साथ वैसा मत करो जैसा आप चाहते हैं कि वे आपके साथ करें। ज़रूरी नहीं कि आपकी और उनकी पसंद एक जैसी हो।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“जीवन ख़ुद को खोजने के बारे में नहीं है, बल्कि ख़ुद को बनाने के बारे में है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“बिना बदलाव के प्रगति असंभव है, और जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते, वे कुछ भी नहीं बदल सकते।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“उसे कुछ नहीं पता, और वह सोचता है कि उसे सब पता है। यह स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक करियर की ओर इशारा करता है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“जीवन में दो त्रासदियाँ होती हैं। एक है अपने दिल की इच्छा को खो देना। दूसरी है उसे पा लेना।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“सुअरों से कुश्ती मत करो। दोनों गंदे हो जाओगे और सुअर को यह पसंद आएगा।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“भोजन के प्रति प्रेम से अधिक सच्चा प्रेम कोई नहीं है।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

“यदि आप लोगों को सच बताना चाहते हैं, तो उन्हें हँसा दें, वरना वे आपको मार डालेंगे।”

— जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

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