विचारघर

विचारघर › संत, भक्ति-कवि व आध्यात्मिक गुरु › जालंधर नाथ

जालंधर नाथ — सूक्ति व विचार

जालंधर नाथ के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। जालंधर नाथ के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“थोड़ा खाता है तो भूख के मारे कल्पना-जल्पना करता है, अधिक खाता है तो रोगी हो जाता है। कोई विरला योगी ही दोनों पक्षों की संधि का विचार करता है (अर्थात् उचित आहार करता है)।”

— जालंधर नाथ

संत, भक्ति-कवि व आध्यात्मिक गुरु के अन्य रचनाकार