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हेनरी डेविड थॉरो — सूक्ति व विचार

हेनरी डेविड थॉरो के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। हेनरी डेविड थॉरो के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मानव को जो बहुत बड़े-बड़े अंगों वाला बहुत मज़बूत प्राणी नहीं बनाया गया, वह केवल इसलिए कि वह अपनी दुनिया स्वयं संकुचित करने का प्रयत्न करे; जहाँ उसके लिए ठीक हो, दीवार खड़ी कर ले।”

— हेनरी डेविड थॉरो

“जिन कामों में नए कपड़ों की आवश्यकता होती है, नए पहनने वाले की नहीं; उनसे ख़बरदार रहिए।”

— हेनरी डेविड थॉरो

“प्राची के सभी खंडहरों की तुलना में ‘भगवद्गीता’ कितनी अधिक महिमामयी है! मीनारें और मंदिर तो राजों-महाराजों की विलासिता-मात्र होते हैं। एक सरल और स्वतंत्र मन वाला व्यक्ति कभी किसी राजा या महाराजा का हुक्म नहीं बजाता। प्रतिभा किसी शहंशाह के आश्रम में नहीं पलती, बहुत मामूली सीमा के अतिरिक्त, इसकी सामग्री न चाँदी, न सोना, और न संगमरमर। मेहरबानी करके यह बताइए कि इतना अधिक पत्थर फोड़ने का लक्ष्य क्या है?”

— हेनरी डेविड थॉरो

“जो लोग फ़ैशनेबल गोष्ठियों और विधानसभाओं में जाते हैं, केवल उन्हीं को नए कोटों की ज़रूरत पड़ती है; ताकि वे उन्हें उतनी ही जल्दी-जल्दी बदल सकें, जितनी जल्दी कि उनको पहनने वाला बदल जाता है।”

— हेनरी डेविड थॉरो

“यदि कोई नया काम आपके सामने आए तो उसे पुराने वस्त्रों में ही करने की चेष्टा कीजिए।”

— हेनरी डेविड थॉरो

“प्रत्येक पीढ़ी पुराने फ़ैशन पर हँसती है, लेकिन नए फ़ैशन की पूजा परम धार्मिक भाव से करती है।”

— हेनरी डेविड थॉरो

“हमारे अविष्कारों की प्रवृत्ति खिलौनों की-सी होती है, जो गंभीर चीज़ों से हमारा ध्यान बँटा देते हैं।”

— हेनरी डेविड थॉरो

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