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एलायस कनेटी — सूक्ति व विचार

एलायस कनेटी के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। एलायस कनेटी के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मनुष्य किसी भी चीज़ से उतना नहीं डरता जितना कि अज्ञात के स्पर्श से।”

— एलायस कनेटी

“हर निर्णय मुक्ति प्रदान करता है, तब भी जब वह विनाश की ओर ले जाए। अन्यथा, क्यों इतने सारे लोग आँखें खोलकर सीधा चलते हुए अपने दुर्भाग्य में दाख़िल होते?”

— एलायस कनेटी

“सफलता वह जगह है जो एक व्यक्ति अख़बार में घेरता है।”

— एलायस कनेटी

“वे तमाम चीज़ें जिन्हें हम भूल जाते हैं, सपनों में मदद के लिए चिल्लाती हैं।”

— एलायस कनेटी

“लोगों का भविष्य उनके नामों की वजह से आसान हो जाता है।”

— एलायस कनेटी

“सफलता एक दिन की निर्लज्जता है।”

— एलायस कनेटी

“सुंदरता में हमेशा कुछ सुदूर होता है।”

— एलायस कनेटी

“कुछ मत समझाओ। उसे वहाँ रखो। बोलो। जाओ।”

— एलायस कनेटी

“इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कोई विचार कितना नया है : फ़र्क़ इस बात से पड़ता है कि वह कितना नया बन पाता है।”

— एलायस कनेटी

“दूसरों के साथ सामंजस्य बिठाने का पहला असर यह होता है कि हम उबाऊ बन जाते हैं।”

— एलायस कनेटी

“सीखना, अनदेखा करने की कला है।”

— एलायस कनेटी

“वे शासक जो युद्ध छेड़ना चाहते हैं, वे इस बात से भली-भाँति परिचित हैं कि उन्हें पहला पीड़ित जुटाना या गढ़ना होगा।”

— एलायस कनेटी

“इसमें कोई शक नहीं कि मनुष्य के अध्ययन की अभी शुरुआत भर हुई है, साथ ही उसका अंत नज़र आने लगा है।”

— एलायस कनेटी

“शराबियों के भ्रम हमें यह देखने का मौक़ा देते हैं कि भीड़ किसी व्यक्ति के दिमाग़ में कैसे दिखती है।”

— एलायस कनेटी

“अनंत काल में हर चीज़ बस शुरू हो रही होती है।”

— एलायस कनेटी

“कुछ भी मत समझाओ। अपनी बात को रखो। कहो। और चले जाओ।”

— एलायस कनेटी

“सीखना, कुछ बातों को नज़रअंदाज़ करने की कला है।”

— एलायस कनेटी

“दूसरों की उपस्थिति का मृत हो जाना ही बुढ़ापा है और कुछ नहीं।”

— एलायस कनेटी

“सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि हम ख़ुद को किससे जोड़कर देखते हैं।”

— एलायस कनेटी

“अपनी ज़िंदगी लिखते वक़्त हर पन्ने पर ऐसी बात होनी चाहिए जो नई हो।”

— एलायस कनेटी

“दूसरों के अनुसार ख़ुद को ढ़ालने से सबसे पहले इंसान उबाऊ हो जाता है।”

— एलायस कनेटी

“ग़लत धारणाओं को छोड़ने में समय लगता है। अचानक से ऐसा होने पर वे मन में सड़ने लगती हैं।”

— एलायस कनेटी

“एक भीड़ तब तक रहती है जब तक उसके पास कोई अधूरा लक्ष्य होता है।”

— एलायस कनेटी

“महान विचारों को फिर से कहना ज़रूरी है, बिना यह जाने कि वे पहले से कहे जा चुके हैं।”

— एलायस कनेटी

“मनुष्य को सबसे अधिक डर अनजान के स्पर्श से लगता है।”

— एलायस कनेटी

“मृत्यु एक घोटाले जैसी है। मशीन चलती रहती है और हम सब बंधक बन जाते हैं।”

— एलायस कनेटी

“जो मृत्यु के प्रति जुनूनी है, उसे वह एक अपराधबोध में डाल देती है।”

— एलायस कनेटी

“शब्द बूढ़े नहीं होते, केवल लोग बूढ़े हो जाते हैं, यदि वे बार-बार वही शब्द इस्तेमाल करते हैं।”

— एलायस कनेटी

“जिन बातों को हम भूल जाते हैं वे स्वप्न में हमसे मदद की भीख माँगती हैं।”

— एलायस कनेटी

“लिखने की प्रक्रिया में एक अनंतता है। यह चाहे हर रात रुक जाए, यह एक सतत प्रक्रिया है।”

— एलायस कनेटी

“समझना, जैसा हम समझते हैं, वह ग़लतफ़हमी है।”

— एलायस कनेटी

“पाँच मिनट में पृथ्वी एक रेगिस्तान बन जाएगी, और तुम किताबों से चिपके रहते हो।”

— एलायस कनेटी

“सफलता केवल तालियों को सुनती है। बाक़ी सबके लिए वह बहरी है।”

— एलायस कनेटी

“दुनिया में दुःख इसलिए है क्योंकि हम भविष्य की ओर बहुत कम देखते हैं।”

— एलायस कनेटी

“जो कुछ भी हमारी स्मृति में अंकित होता जाता है उसमें आशा का एक कण छुपा होता है, चाहे वह निराशा से ही क्यूँ न भरा हुआ हो।”

— एलायस कनेटी

“मैं अपने मृतकों की यादों से इतना भरा हूँ कि अब और किसी की मृत्यु के लिए मेरे पास कोई जगह नहीं बची।”

— एलायस कनेटी

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