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चेस्लाव मीलोष — सूक्ति व विचार

चेस्लाव मीलोष के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। चेस्लाव मीलोष के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“प्रेम में पड़ना और वास्तव में प्रेम करने में सक्षम होना एक ही बात नहीं है।”

— चेस्लाव मीलोष

“कोई ज़िम्मेदारी नहीं। मुझे गंभीर या कलात्मक रूप से परिपूर्ण होने की आवश्यकता नहीं है। न ही मुझे श्रेष्ठ या प्रेरणादायक होने की आवश्यकता है। मैं बस घूमता हूँ। मैं कहता हूँ: 'तुम भाग रहे थे, यह ठीक है। यह करने लायक था।' और अब, दुनिया का संगीत मुझे बदल रहा है। मेरा नक्षत्र एक नए घर में प्रवेश कर रहा है। पेड़ और घास और स्पष्ट हो जाते हैं। एक के बाद एक दर्शन ख़त्म हो जाते हैं। सब कुछ हल्का है, लेकिन कम विचित्र नहीं। और इसी बीच, वह चीज़ यहाँ आ चुकी है। अदृश्य। जो इसका अनुमान लगा सकेगा, वही समझ पाएगा। अब दूसरों को इसकी देखभाल करने दो। मेरे लिए यह समय आराम करने का है।”

— चेस्लाव मीलोष

“धर्म लोगों की अफ़ीम हुआ करता था। अपमान, दर्द, बीमारी और ग़ुलामी सहने वाले लोगों के लिए, धर्म अगले जन्म के उपहार का वादा करता था। लेकिन अब, हम एक परिवर्तन देख रहे हैं; सच्चा अफ़ीम अब है मृत्यु के बाद शून्यता में विश्वास, यह विशाल सांत्वना और राहत कि हमारी गद्दारी, लालच, कायरता और हत्याओं का न्याय नहीं किया जाएगा।”

— चेस्लाव मीलोष

“जिस चीज़ की कोई छाया नहीं होती, उसमें जीवित रहने की ताक़त भी नहीं होती।”

— चेस्लाव मीलोष

“मुझे कहीं और नहीं बल्कि स्वर्ग में रहने के लिए बनाया गया था। बस, यही मेरी आनुवंशिक असमर्थता थी। यहाँ पृथ्वी पर हर गुलाब के कांटे की चुभन एक घाव में बदल जाती थी। जब सूर्य बादलों के पीछे छिप जाता था, तो मैं दुखी हो जाता था। मैंने सुबह से शाम तक दूसरों की तरह काम करने का नाटक किया, लेकिन मैं अनुपस्थित था, अदृश्य देशों के लिए समर्पित।”

— चेस्लाव मीलोष

“नदियों के नाम तुम्हारे साथ रहते हैं। वे नदियाँ कितनी अंतहीन लगती हैं! तुम्हारे खेत ख़ाली पड़े हैं, शहर की मीनारें पहले जैसी नहीं रहीं। तुम सीमा पर खड़े होकर मौन हो।”

— चेस्लाव मीलोष

“आप देखिए कि मैं शब्दों के माध्यम से सबसे महत्वपूर्ण चीज़ों तक पहुँचने की कोशिश करता हूँ और कैसे असफल हो जाता हूँ।”

— चेस्लाव मीलोष

“जोश की आवाज़, तर्क की आवाज़ से बेहतर है। जिन लोगों में जोश न हो वे इतिहास नहीं बदल सकते।”

— चेस्लाव मीलोष

“जब एक लेखक परिवार में जन्म लेता है, तो परिवार समाप्त होने की ओर अग्रसित हो जाता है।”

— चेस्लाव मीलोष

“न तो मैं भगवान बनना चाहता हूँ और न ही नायक। बस एक पेड़ में बदल जाऊँ, सदियों तक बढ़ता रहूँ और किसी को चोट न पहुँचाऊँ।”

— चेस्लाव मीलोष

“और जब लोग यह मानना बंद कर देंगे कि अच्छा और बुरा कुछ होता है, केवल सुंदरता उन्हें पुकारेगी और बचाएगी ताकी वे जान सकें कि क्या सच है और क्या झूठ।”

— चेस्लाव मीलोष

“मनुष्य का सच्चा शत्रु सामान्यीकरण है।”

— चेस्लाव मीलोष

“ग्रह का उज्ज्वल पक्ष अंधकार की ओर बढ़ रहा है और सभी शहर अपनी-अपनी घड़ी के अनुसार नींद में डूबते जा रहे हैं। और मेरे लिए, अब भी वैसा ही है, यह सब बहुत ज़्यादा है। दुनिया बहुत बड़ी है।”

— चेस्लाव मीलोष

“जब मनुष्यों के पास ख़ुद को किसी चीज़ पर निर्भर होने के लिए और कुछ नहीं होता, तब वे भ्रम पर निर्भर हो जाते हैं।”

— चेस्लाव मीलोष

“सांत्वना: शांत हो जाओ। तुम्हारे पाप और पुण्य दोनों भुला दिए जाएँगे।”

— चेस्लाव मीलोष

“कविता का उद्देश्य हमें यह याद दिलाना है कि केवल एक व्यक्ति बने रहना कितना कठिन है, क्योंकि हमारे घर खुले हैं, दरवाज़ों में कोई चाबी नहीं है और अदृश्य अतिथि अपनी इच्छा अनुसार घर के अन्दर बाहर आ जा सकते हैं।”

— चेस्लाव मीलोष

“मैं विरोधाभासों से बना हूँ, और यही कारण है कि मेरे लिए कविता दर्शनशास्त्र से बेहतर माध्यम है।”

— चेस्लाव मीलोष

“एक कमरे में, जहाँ लोग चुप्पी की साजिश का समर्थन करते हैं, सत्य का एक शब्द पिस्तौल की गोली की तरह लगता है।”

— चेस्लाव मीलोष

“मैंने कविता को 'वास्तविकता की भावनात्मक खोज' के रूप में परिभाषित किया है।”

— चेस्लाव मीलोष

“मेरी मूर्खता का इतिहास कई खंडों में भरा जा सकता है।”

— चेस्लाव मीलोष

“विश्वास करना कि आप अद्भुत हैं, और धीरे-धीरे यह पता चलना कि आप अद्भुत नहीं हैं। यह एक इंसानी जीवन के लिए पर्याप्त श्रम है।”

— चेस्लाव मीलोष

“यह जीवितों की ज़िम्मेदारी है - उनके लिए बोलना जो अपनी कहानी बयाँ नहीं कर सकते।”

— चेस्लाव मीलोष

“सभी टूटी और खोई हुई चीज़ों में, मुझे सबसे ज़्यादा चिंता चीनी मिट्टी की चीज़ों की होती है।”

— चेस्लाव मीलोष

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