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ऋतुराज — सूक्ति व विचार

ऋतुराज के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। ऋतुराज के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“विचार और कलात्मकता के संतुलन पर ही आधुनिक कवि की सफलता या असफलता, शक्ति या दुर्बलता निर्भर करती है।”

— ऋतुराज

“सारी संभावनाएँ स्थापित होने पर ख़त्म हो जाती हैं।”

— ऋतुराज

“जो लोग कविता से निरी कलात्मकता की अपेक्षा करते हैं, वे कविता के वस्तु-सत्य को गौण रखना चाहते हैं।”

— ऋतुराज

“मुक्ति के बिना समानता प्राप्त नहीं की जा सकती और समानता के अभाव में मुक्ति संभव नहीं है।”

— ऋतुराज

“कवि अपनी विचारधारा को बिना कलात्मक रूप दिए अवाम पर कोई भरपूर प्रभाव नहीं डाल सकता।”

— ऋतुराज

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