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रामकुमार वर्मा — सूक्ति व विचार

रामकुमार वर्मा के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। रामकुमार वर्मा के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“वह प्रेम करते समय समुद्र से भी अधिक गहरी और गंभीर हो जाती है और निराश होने पर आग की लपट से भी अधिक भयानक।”

— रामकुमार वर्मा

“मैं जीवन को दंड नहीं समझना चाहता। यह ब्रह्म की विभूति है। इसे चिंता में घुलाना, पाप में लपेटना, दुःख में बिलखाना सबसे बड़ा अपराध है।”

— रामकुमार वर्मा

“संपत्ति का यह स्वभाव है कि जितना ही उसका तिरस्कार करो, वह उतनी ही पास आती है।”

— रामकुमार वर्मा

“जीवन का आदर्श ही यही है कि जीवन के उस पार देखा जाए।”

— रामकुमार वर्मा

“माता के हृदय से बढ़कर कोई शास्त्र नहीं है।”

— रामकुमार वर्मा

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