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नारायण वामन तिलक — सूक्ति व विचार

नारायण वामन तिलक के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। नारायण वामन तिलक के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“हे आर्यमाता! हे पृथ्वी देवी! तुम्हें प्रणाम करता हूँ। हे मंदस्मित हास्यवदन, चारुयामिनी, विकसित-नवकुसुम-मृदुल-दाम-शोभिनी, तुम्हारे चरणों की निरंतर जय हो, जय हो, जय हो। हे माँ। तुम धर्म हो, तुम मर्म हो, तुम यश और बल हो।”

— नारायण वामन तिलक

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