“भिन्न-भिन्न देशों की भिन्न-भिन्न भाषाएँ। पर बिना स्वदेशी भाषा के आशा कैसे पूरी होगी?”
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ईश्वरचंद्र गुप्त — सूक्ति व विचार
ईश्वरचंद्र गुप्त के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। ईश्वरचंद्र गुप्त के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।