“निर्बलता आक्रमण का आमंत्रण है।”
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गोपालशरण सिंह — सूक्ति व विचार
गोपालशरण सिंह के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। गोपालशरण सिंह के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“कविता की सप्राणता भावना में ही है। परंतु भावना के लिए बुद्धि का नियंत्रण आवश्यक है। अनियंत्रित भावना की परिणति सस्ती भावुकता होती है।”
“उसके स्वरूप की सुधा ही नेत्र-नीर है।”