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गौरीशंकर हीराचंद ओझा — सूक्ति व विचार

गौरीशंकर हीराचंद ओझा के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। गौरीशंकर हीराचंद ओझा के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“राष्ट्र विप्लव होते-होते ईरान, असीरिया और मित्र वाले तो अपने प्राचीन साहित्य आदि के उत्तराधिकारी न रहे परंतु भारतवर्ष के आर्य लोगों ने वैसी ही अनेक आपत्तियाँ सहने पर भी अपनी प्राचीन सभ्यता के गौरव रूपी अपने प्राचीन साहित्य को बहुत कुछ बचा रखा और विद्या के संबंध में सारे भूमंडल के लोग थोड़े-बहुत उनके ऋृणी हैं।”

— गौरीशंकर हीराचंद ओझा

हिंदी साहित्यकार व कवि के अन्य रचनाकार