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बच्चन सिंह — सूक्ति व विचार

बच्चन सिंह के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। बच्चन सिंह के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।

“मैं ख़रीद बैठा पीड़ा को यौवन के चिरसंचित धन से!”

— बच्चन सिंह

“तेरे दुःख से कहीं कठिन दुःख यह जग मौन सहा करता है।”

— बच्चन सिंह

“सह सकेगी भार कितना यह नयन की नाव!”

— बच्चन सिंह

“मैंने पीड़ा को रूप दिया, जग समझा मैंने कविता की।”

— बच्चन सिंह

“छोटे से जीवन से की है तूने बड़ी-बड़ी प्रत्याशा।”

— बच्चन सिंह

“मिल न पाया प्यार जिनको आज उनको प्यार मेरा।”

— बच्चन सिंह

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