“प्रेम प्रतिदान नहीं चाहता, मोह प्रतिदान चाहता है।”
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अश्विनी कुमार दत्त — सूक्ति व विचार
अश्विनी कुमार दत्त के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। अश्विनी कुमार दत्त के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“प्रेम का सर्वप्रधान धर्म है—स्वार्थरहित होना। प्रेम कभी अपने को नहीं पहचानता। दूसरे के लिए सदा उन्मत्त रहता है। स्वार्थपरता और प्रेम परस्पर विरोधी हैं। जहाँ स्वार्थपरता है वहाँ प्रेम नहीं है।”