“गाँव के गँवईपन में भी एक तरह की शोभन सभ्यता है यह शहरी गँवई बहुत कुत्सित है।”
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आशापूर्णा देवी — सूक्ति व विचार
आशापूर्णा देवी के प्रेरित करने वाले विचार, सूक्तियाँ और उद्धरण — हिंदी में। आशापूर्णा देवी के प्रसिद्ध विचार पढ़ें और उन्हें तस्वीर बनाकर WhatsApp, Facebook या Instagram पर साझा करें।
“कभी-कभी देहांत के बिना ही इंसान एक ही शरीर में कई-कई मौतें नहीं मरता? या एक ही जन्म में कई-कई बार जन्म नहीं लेता?”
“यद्यपि लड़की फूटी कौड़ी के मोल की होती है, फिर भी उसे देखने को जी चाहता है, लेने-छूने को जी चाहता है और स्नेह की वस्तु है इसलिए एक मीठी अनुभूति आती है।”